खासी रोग क्या है ! खाँसी के रोग के प्रकार ! खासी रोग के लक्षण और उपचार.

खांसी क्यों होती है? क्या आप जानते है आखिर निरंतर खांसी का कारण क्या है? क्या आपको भी यह रात में चलने वाली खांसी परेशान करती है? क्या रात को खांसी आना आपकी समस्या है? अगर आपका जवाब सही है तो आपको इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ने की आवश्यकता है. खासी रोग के घरेलु उपाय और नुस्खे दिए गए है जो इसे मिटाने में आपकी मदत करेंगे.खांसी रोग का इलाज, खासी का इलाज, Home Remedies For Cough In Hindi

हम हमेशा सोचते है की खांसी की अचूक दवा कौनसी है? लेकिन पहले आपको यह भी पता होना चाहिए की खांसी के प्रकार कौनसे है? बड़ो की खासी, बच्चों की खांसी का इलाज किया जा सकता है लेकिन उसके लिए आपको निचे दिए गए पॉइंट्स को समझना होगा. अगर आप भी खांसी का तुरंत इलाज चाहते है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये है. खासी रोग को Tussis (टयुसिस) रोग भी कहा जाता है.

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खासी रोग की जानकारी.

खांसी भयानक रोग न होते हुए भी उपेक्षा योग्य नही है. खांसी का कुछ दिन इलाज न करने पर और इसी तरह रहने से फिर उसका इलाज होना कठिन हो जायेगा. बहुत कड़े परहेज और दवा खाने से पुराणी खांसी में फौरन आराम होता है. इसलिये बुद्धिमानी इसी में है कि खांसी होते ही फ़ौरन इलाज किया जाये.

गले की नली की खराबी, फेफड़े की जलन,यकृत की पीड़ा,सर्दी,जुकाम आदि रोगों में खांसी मौजूद रहती है. खांसी कोई स्वतंत्र रोग नही है. दूसरे रोगों का लक्षण मात्र है. तब भी खांसी कुछ दिन स्थायी रहने से अनेक प्रकार के रोग पैदा कर देती है. खांसी प्रायः दो तरह कि देखी जाती है सुखी तथा कफ वाली.

सुखी खांसी में काफी बल लगाने पर मुश्किल से कच्चा थूक जरा सा निकलता है. परंतु कफ वाली खांसी में जरा सा खांसने से ही कफ निकल जाता है. खांसी पुरानी होने पर प्रायः कफ वाली हो जाती है. नयी खांसी प्रायः सुखी होती है.

एक अन्य तरह की खांसी एक और भी होती है, जिसको खांसी या हुपिंग कफ कहते है. यह खांसी 2 वर्ष से 15 वर्ष की उम्र वालो को होती है. खांसी के साथ लंबी सी आवाज आती है और मुह खुल जाता है.

एक तरह का बर्तन गिरने के जैसा श्वास शब्द इस खांसी में होता है. खाँसते खाँसते आखिर में उल्टी हो जाती है. यह कुकर खांसी बड़ी कठिन होती है,जल्दी आराम ही नही होता. अच्छी तरह इलाज करने पर एक दो महीने में अच्छी होती है.

गलग्रंथि के बढ़ जाने से भी खांसी पैदा हो जाती है. इस खांसी में गले में कोई वस्तु छूटी हुई सी मालूम होती है.गले की सरसराहट के साथ जल्दी जल्दी सुखी खांसी चलती है.बहुत खांसने से कच्चा झागदार थूक जाता है. कफ बिल्कुल नही आता. देखने में तालु ग्रंथि या टॉन्सिल बढ़ी हुई मालूम होती है.

खांसी रोग के कारण क्या है? खासी रोग होने का कारण.

टयुसिस (खासी) का कोई एक कारण नहीं होता है यह कई तरीको से फैलता है तो इसके कारण भी कई होते है जैसे संक्रमण हो जाना जिसे हम Viral भी कहते है, TB (टीबी), अस्थमा, फेफड़ो में Cancer जैसे बड़े आजार लगने की वजह से, धुल मिटटी के संपर्क में आ जाना, सर्दी होना, स्मोकिंग (Smocking) करना, फ्लू (Flue) होना आदि होता है. कफ की वजह से भी कभी-कभी हो सकती है.

Khansi कभी भी हो सकती है इसका खयाल नहीं रखा गया तो यह मौत तक को ला सकती है. अब आप जान गए होंगे की Khasi Rog Ke Karna Kya Hai, चलिए अब जानते है इसके खासी रोग के घरेलु उपचार.

 खासी रोग का इलाज ! खांसी की चिकित्सा.

  1. काली मिर्च, मनुक्का व् मुलहठी बराबर बराबर ले, इतनी ही मिश्री व् शहद मिलाकर चने के बराबर गोलियां बना ले.नजला व् खांसी में 1-1 गोली मुह में रखकर चूसे. सर्दी के दिनों में इन्ही द्वव्यो को पानी में औटाकर काढ़ा बनाकर दे, तो नजला, जुकाम तथा खांसी दूर हो जाती है.
  2. कुकर खांसी में-कोलतार रोगी को बारबार सुंघाए रात को सोते वक्त उसको सिरहाने के पास कोलतार कुल्हड़ में भरकर रख दे. इस Cough khansi के कीटाणु कोलतार की हवा से समाप्त हो जाते है.
  3. तीन रोज तक रोगी को सुबह बासी मुंह जलेबियां खिलाये.
  4. काली मिर्च तथा अदरक 23.2-23.2 ग्राम पीसकर घी में पकाये और दोनों समय सेवन करे. हर तरह की खांसी के लिये फायदेमंद है.
  5. अडूसे का क्षार तथा प्रवाल-भस्म शहद के साथ मिलाकर चाटने से खांसी ठीक हों जाती है.
  6. अदरक का स्वरस 3 ग्राम तथा शहद 3 ग्राम मिलाकर चाटने से खांसी ठीक हो जाती है.
  7. श्वास,कुठार,श्रृंगाभ्रक, लक्ष्मी विलास रस, अभ्रकसार, च्यवनप्राश व्लेह हर प्रकार को कास श्वास रोग के लिए प्रसिध्द आयुर्वेदिक औषधियां है.
  8. यदि सुखी खांसी हो तो 243 ग्राम प्रवाल भस्म मलाई तथा मिश्री के साथ मिलाकर चाटे. सुखी खांसी शीघ्र दूर हो जाती है.
  9. अडूसे की पुतपाक की हुई भस्म 122 मिलीग्राम लेकर अदरक के रस व शहद में मिलाकर चाटे,लाभ होगा
  10. पित्त विकार से उत्पन्न खांसी में,गर्म वस्तुये खाने से खांसी बढे, तो मलाई में नमक मिलाकर खाये अथवा अनार का छिलका चूसे अथवा उन्नाव के सत की टिकिया चुसे.
  11. यदि सर्दी की खांसी हो तो बनफशा 3 ग्राम मुलहठी, उन्नाव व गावजूबा 2-2 ग्राम सबका 58.2 2 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर शहद मिलाकर पी जाये. सर्दी के कारण उतपन्न हुई खांसी नष्ट हो जायेगी.
  12. पीपल,बच, मुलहठी तीनो समभाग ले, पीसकर डेढ़ ग्राम मात्रा प्रतिदिन शहद में चटायें.
  13. मुलहठी तथा लौंग अथवा रब्बेसुस मुंह में रखकर चुसने से भी सर्दी की खांसी में लाभ होता है.
  14. काली मिर्च 3 ग्राम, गोंद बबूल 11.66 ग्राम , छोटी इलायची  6 ग्राम मुलहठी 23.2 ग्राम सबको पीसकर 3.66 ग्राम से 2 ग्राम तक शहद के साथ चटायें.
  15. उन्नाव,शकर,तिगार,तुख्म,खत्मि, रब्बेसुस,कतीरा, सनदरुस, समग अरबी,निशास्ता,1-1 ग्राम बादाम,सिपिस्ता, पीसकर लुभाब खत्मि में गोलियां बना ले.खंसी उठने पर 1-1 गोली मुंह में रखकर चुसे.
  16. एक मिटटी के सकोरे में अलसी के बिज रखकर ऊपर दहकते कोयले डालकर जला ले. काले हो जाए तो निकालकर पीस ले व थोडा-सा नमक व शहद मिलाकर चांटे.
  17. त्रिफला, छोटी पीपल 11.66-11.66 ग्राम पीसकर 23.2 ग्राम शहद में मिलाकर चांटे, इससे भी हर प्रकार की खांसी की उत्पत्ती रोकी जा सकती है.
  18. यदि खासी पुरानी हो तो भरंगी व सौंठ समभाग 3-3 ग्राम मात्रा रोज शाम गरम पानी के साथ सेवन कराये. किसी भी प्रकार की खासी को दूर करे.

तो दोस्तों इस प्रकार से Remedies For Cough Treatment In Hindi At Home से ही इस्तेमाल कर सकते है. हमें बताये अगर आपको कोई अन्य इससे जुडा कष्ट हो तो.

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अगर आपको खांसी रोग का इलाज का यह आर्टिकल पसंद आया होगा तो इसे सोशल मीडिया में जरुर शेयर करे. बहुतसे लोगो को कफ बलगम वाली खांसी के घरेलु उपाय व नुस्खे चाहिए होते है उन तक भी यह पहुचाने का कष्ट करे और उनकी मदत करे. लेकिन आपको चेतावनी दे जाती है की यह सभी उपचार करने के बाद भी दो हफ्तों से ज्यादा Khasi बंद नहीं होती है तो जरुरत है आपको अपने डॉक्टर्स को दिखाने की.

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